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वैज्ञानिकों ने ही उठाए सवाल
November 26, 2019 • जगदीश सिकरवार

चंद्रयान-2 इसरो चीफ के दावे पर देश के वैज्ञानिकों ने ही उठाए सवाल

क्या कहा था इसरो चीफ ने इसरो चीफ डॉ. के. सिवन ने कहा था कि इसरोका विक्रम लैंडर और प्रज्ञान रोवर से संपर्क नहीं हो पाया लेकिन चंद्रयान-2 का ऑर्बिटरसही तरीके से काम कर रहा है। यह करीब साढे सात साल तक हमें चांदसे संबंधित आंकड़ें और तस्वीरें भेजता रहेगा। ऐसा बयान हंसी का पात्र बनाता है : एक वरिष्ठ वैज्ञानिक ने दावा किया है कि बिना गंभीर आत्मनिरीक्षण के ऐसा बयान देना हमें दुनिया के सामने हंसी का पात्र बनाता है। वहीं, इसरो के सूत्रों के मानें तो विक्रम लैंडर तय गति से बहुत ज्यादा गति से जाकर चांद की सतह पर टकराया है। अब उससे संपर्क करना नामुमकिन है। अब वो हमेशा के लिए खो चुका है। निदेशक ने इसरो के पूर्व निदेशक तपन मिश्रा ने इसरो के नेतृत्व पर सवाल उठाए हैं। तपन मिश्रा ने लिखा है कि लीडर्स हमेशा प्रेरित करते हैं, वे प्रबंधन (मैनेज) नहीं करते। मिश्रा ने लिखा है कि जब अचानक से नियमों को मानने की व्यवस्था बढ़ जाए, कागजी कार्यवाही में इजाफा हो जाए, मीटिंग्स ज्यादा होने लगे, घुमावदार बातें होने लगे तो ये मान लेना चाहिए कि आपके संस्थान में लीडरशिप अब दुर्लभ होता जा रहा है। ही उठाए सवाल मैकेनिक नहीं होता तपन मिश्रा ने लिखा कि जब भी आप कोई मशीन अंतरिक्ष में भेजते हैं, तब आपको कई सुधारात्मक उपाय करने होते हैं क्योंकि अंतरिक्ष में कोई व्यक्ति नहीं होता जो गड़बड़ी को ठीक कर दे। आपको उस मशीन को अंतरिक्ष में भेजने से पहले कई बार अंतरिक्ष में माहौल के हिसाब से जांच लेना चाहिए। सभी संभावित मुसीबतों के अनुसार उस मशीन की जांच की जानी चाहिए थी।

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