ALL देश- विदेश राज्य व शहर शिक्षा व्यापार खेल धर्म मनोरंजन स्वास्थ्य फिल्मिदुनियाँ
संतुलित आहार व व्यायाम से करें दिल मजबूत
November 29, 2019 • जगदीश सिकरवार • देश- विदेश

डा. अजय अग्रवाल ने कहा कि संतुलित आहार लेने और व्यायाम करने से हर कोई दिल को स्वस्थ बना सकता है। उन्होंने बताया कि हृदय रोग ज्यादातर देशों में होनेवाली मौतों का बड़ा कारण है। आधुनिक जीवन के तनाव ने छोटी उम्र में भी आघात देना शुरू कर दिया है। हृदय रोग कई बार आनुवंशिक कारणों से भी होता है। रेलवे रोड स्थित होटल पर्ल मार्क में पत्रकारों से बातचीत करते हए डा. अजय अग्रवाल ने बताया कि हृदय रोगों के प्रति लोगों को सचेत करने के लिए हर साल 29 सितंबर को 'विश्व हृदय दिवस' का आयोजन किया जाता है उन्होंने कहा कि भारत और दुनियाभर में होनेवाली मौतों के सबसे बड़े कारणों में से एक है- कॉर्नरी हार्ट डिजीज (सीएचडी), जिसे इस्केमिक हार्ट डिजीज भी कहा जाता है। इसके कारण प्रत्येक पांच में से एक पुरुष और प्रत्येक आठ में से एक महिला की मौत होती है। इसका कारण हृदय की धमनियों में वसा जमा होने से रक्त की आपूर्ति रुकना है। यह रोग मुख्यतः गलत जीवनशैली, धूम्रपान, अधिक वजन, हाइ कोलेस्ट्रोल, हाइ बीपी और मधुमेह का परिणाम है। वहीं, कम उम्र में हृदय रोग के प्रमुख कारणों में अत्यधिक तनाव, काम का दबाव, पूरी नींद न लेना आदि हैं। धूम्रपान और निष्वत्रिय जीवनशैली भी जिम्मेवार है। ह्रदय रोग विशेषज्ञ डा. रणदीप सिंगला ने बताया कि हृदय रोग में रोगी के लक्षण एक जैसे नहीं होते। ये होते हैं लक्षण उन्होंने कहा कि सीने में दर्द, बेचैनी, हृदय में भारीपन, जकड़न, तेज दर्द महसूस हो सकता है, जो आमतौर पर सीने के बीचोबीच होता है। यह दर्द हाथों, गर्दन, जबड़े, पीठ या पेट तक जा सकता है। धड़कन बढ़ सकती है और सांस लेने में परेशानी हो सकती है। यदि धमनियां पूरी तरह से रुक गई हैं, तो हृदयघात हो सकता है। हृदयघात का दर्द या बेचैनी एनजाइना जैसी होती है, लेकिन यह अक्सर गंभीर हो जाती है और इसके साथ पसीना, बेहोशी और सांस लेने में तकलीफ जैसी समस्याएं हो सकती हैं। ___ डॉ. अग्रवाल ने कहा कि तंबाकू उपयोग, अस्वास्थ्यकर आहार और शारीरिक निष्क्रियता जैसे जोखिम के कारकों को नियंत्रित करके, हृदय रोग और स्ट्रोक से होने वाली कमसे कम अस्सी प्रतिशत मृत्यु को रोका जा सकता है। इसलिए इन्हें आज ही छोड़ देना चाहिए।