ALL देश- विदेश राज्य व शहर शिक्षा व्यापार खेल धर्म मनोरंजन स्वास्थ्य फिल्मिदुनियाँ
फसल खराब होने की कगार पर
November 27, 2019 • जगदीश सिकरवार • देश- विदेश

20 हजार हैक्टेयर की फसल खराब होने की कगार पर 

मंगलवार के दिन एसडीएम व कृषि विभाग के अधिकारियों ने तहसील के जल फसलों की स्थिति का जायजा लिया। जिसमें अधिकतर क्षेत्र में फसलों की स्थिति काफी दयनीय हो चुकी थी और फसल लगभग लगभग बर्बाद होने की कगार पर पहुंच गई है। तहसील कार्यालय से प्राप्त जानकारी के अनुसार सिवनी मालवा तहसील में बारिश के चलते लगभग 20 हजार हेक्टेयर की फसल पूरी तरह खराब हो चुकी है। वहीं अधिकारी अब खेतों में पहुंचकर फसलों का जायजा ले रहे है। और जल्द राहत राशि मिलने का आश्वासन भी दे रहे है। एसडीएम पहुंचेंगे खेत लगातार हो रही तेज बारिश से किसानों की फसल नुकसानी का आंकलन करने के लिए प्रशासन की टीम सक्रिय है। एसडीएम रविशंकर राय ने बताया कि लगातार अधिकारी भी किसानों के खेतों में पहुंचकर फसल नुकसान का निरीक्षण करेगें। जिसमें तहसीलदार, नायब तहसीलदार के साथ साथ स्वयं एसडीएम भी बुधवार को ग्रामीण अंचलों का भ्रमण कर किसानों से चर्चा करेगें। एसडीएम का कहना है कि किसानों को परेशान होने की जरूरत नहीं है,सर्वे कर राहत देने के प्रयास किए जा रहे है। कई जगह फसल तबाह लगातार हो रही बारिश से किसानों के चेहरे पर चिंता की लकीरें खिंच गई है। जिन क्षेत्रों में नदी नाले का बहाव है, उन क्षेत्रों में फसलों के पूरी तरह तबाह होने की आशंका व्यक्त की जा रही है। जिन खेतों में जल भराव की स्थिति बन गई थी, वहां सोयाबीन की फसल पूरी तरह खराब हो चुकी है। वहीं मक्का और उड़द की फसल अभी थोड़ी बची हुई है लेकिन अगर लगातार बारिश होती रही तो उनमें भी नुकसान होगा। हालांकि पहले दिन प्रशासनिक अमले ने सड़क के पास वाले क्षेत्र का दौरा किया। अंदरूनी क्षेत्रों के हालात और खराब होगें। 70% तक नुकसान अधिकारियों ने तहसील क्षेत्र के जिन इलाकों का निरीक्षण किया है, वहां फौरी तौर पर 60 से 70 फीसदी तक फसल खराब होने का अनुमान प्रशासनिक अधिकारियों ने जताया है। किसानों ने अधिकारियों को बताया कि सोयाबीन की फसल में फलिया काली पड़ गई है। आने वाले समय में सोयाबीन की फसल का यह नुकसान और ज्यादा बढ़ने की आशंका किसानों द्वारा व्यक्त की जा रही है। कृषि विभाग का कहना है किसोयाबीन की जल्द आने वाली उपज में 60 से 70 फीसदी नुकसान है,शेष का आंकलन मौसम खुलने पर पता चल पाएगा। फसल निरीक्षण के लिए दल किए गए गठित एसडीएम रविशंकर राय ने बताया कि फसल नुकसानी के लिए दल का गठन किया गया है। जिसमें राजस्व विभाग से पटवारी, कृषि विभागसे आईईओएस और पंचायत विभाग से पंचायत सचिव को शामिल किया गया है। यह दल किसानों के खेतों में पहुंचकर फसल का प्राथमिक स्तर पर जायजा लेकर अपनी रिपोर्ट तैयार कर सौंपेगा। साथ ही फसल बीमा कंपनी द्वारा भी अपने स्तर पर सर्वे कराया जा रहा है। जिससे किसान की खराब फसल का आंकलन किया जा सके। इन गांवो का दौरा एसडीएम रविशंकर राय, एसएडीओ कृषि विभाग संजय पाठक ने ग्रामीण अंचलों में पहुंच कर फसल के हालात का जायजा लिया। पहले दिन प्रशासन के अधिकारी ग्राम भैरोपुर, जीरावेह, बिसोनी कलां, शिवपुर, नाहरकोला, भैंसादेह, बाबरी, रूपादेह, तोरनिया सहित अन्य गांवों में पहुंचे। जहां अधिकारियों ने किसानों के खेतों में पहंचकर खेतों और फसल की स्थिति का निरीक्षण किया। जिसमें भारतीय किसान संघ के पदाधिकारी और ग्रामीणजनव किसान उपस्थित रहे।