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डिजिटल क्रांति ने हिंदी पत्रकारिता को बदला
November 23, 2019 • जगदीश सिकरवार • देश- विदेश

अत्याधुनिक युग में डिजिटल क्रांति ने हिंदी पत्रकारिता को बदलाः हितेश

हिंदी दिवस पर जिला भर में अनेक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के जनसंचार एवं मीडिया प्रौद्योगिकी संस्थान ने हिंदी दिवस के उपलक्ष्य में ऑडिटोरियम के सीनेट हॉल में हिंदी पत्रकारिता मुद्दे और चुनौतियां विषय पर एक दिवसीय संगोष्ठी का आयोजन किया। जनसंचार एवं मीडिया प्रौद्योगिकी संस्थान की निदेशिका डॉ. बिंदु शर्मा ने संगोष्ठी में आए मुख्य वक्ताओं का स्वागत करते हुए कहा कि संस्थान ने हिंदी दिवस के उपलक्ष्य में हिंदी सप्ताह मनाते हुए विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए हैं। संगोष्ठी में पहुंचे साप्ताहिक पत्रिका के संपादक हितेश शंकर ने कहा कि हिंदी भाषा ने हिंदी पत्रकारिता के माध्यम से देश को एकसूत्र में जोड़ने का प्रयास किया है। हिंदी में सामूहिकता का भाव नजर आता है और इसी सामूहिकता से समाज को आगे बढ़ाया जा सकता है। उन्होने हिंदी पत्रकारिता में चुनौतियों के संबंध में कहा कि अत्याधुनिक युग में डिजिटल क्रांति ने हिंदी पत्रकारिता को बदल दिया है। तकनीकी रूप से हर कोई एक दिन सक्षम हो सकता है। डिजिटल क्रांति ने तेज गति से बढ़ती पत्रकारिता एवं उसकी भाषा को बदल दिया है। हिंदी का दायरा बढा कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय की शैक्षणिक अधिष्ठाता प्रोफेसर मंजुला चौधरी ने कहा कि हमें एक से अधिक भाषाएं सीखने की आवश्कता है। वरिष्ठ पत्रकार अरुण कुमार ने कहा वर्तमान में जितनी हिंदी मुखर हुई है उतनी मुखर तो वह आजादी से पहले भी नहीं हुई थी। हिंदी का वर्तमान में देश-विदेश में दायरा बढ़ा है और आगे बढ़ता ही जा रहा है। इस अवसर पर संस्थान के प्राध्यापकगण डॉ. मधुदीप सिंह, डॉ. तपेश किरण, डॉ. अभिनव, डॉ. रोशन लाल, डॉ. प्रदीप राय, राकेश कुमार, सचिन वर्मा, सुनिता, रितु कुमारी एवं संस्थान के शोधार्थी और विद्यार्थी उपस्थित थे।

मातृभाषा अभिव्यक्ति का सशक्त माध्यम

गीता निकेतन आवासीयविद्यालय, करुक्षेत्र में आचार्य दक्षता वर्ग एवं हिन्दी दिवस का आयोजन किया गया। वर्ग का शुभारंभ मुख्यातिथि के रूप में उपस्थित श्रीमदभगवद गीता वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय के प्राचार्य अनिल कुलश्रेष्ठ ने किया। उन्होंने कहा कि मातृभाषा भावों की अभिव्यक्ति का सशक्त माध्यम है लेकिन स्वतंत्रता प्राप्ति के अनेक वषारें बाद भी हिन्दी भाषा अपना वह स्थान नहीं बना पाई जिसकी वह असली हकदार है। इस अवसर पर पवन गुप्ता, रमेश गुलाटी, सदस्य सुभाष बंसल एवं प्राचार्य नारायण सिंह मौजूद रहे। कुमार ने द्वितीय एवं सुल्तान ने तीसरा स्थान प्राप्त किया। हिंदी विभाग के अध्यक्ष प्रो. शीशपाल शर्मा ने हिंदी दिवस पर सभी छात्रों को बधाई दी। कॉलेज प्राचार्य डॉ. योगेश्वर जोशी ने कहा कि हिंदी दिवस एक ऐसा दिन है जो देशभक्ति से जोड़ता है। हिंदी दिवस एक अनुस्मारक का कार्य करता है, ये दिन हमें वास्तविक पहचान की याद दिलाता है । इस अवसर पर डॉ. परवीन शर्मा, डॉ. सरिता राय, प्रो. नीरज शर्मा, डॉ. प्रशांत शर्मा, डॉ. नितेश मौजूद थे।