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भटिंडा में चलती है कैंसर टेन
November 26, 2019 • जगदीश सिकरवार • राज्य व शहर

पंजाब के भटिंडा में चलती है कैंसर टेन : आचार्य देववत

देश में हर 50वां आदमी कैंसर तथा हार्ट अटैक जैसे असाध्य रोगों से । हकृवि में पीड़ित है। यह भारत के कषि बात हकृवि में विश्वविद्यालयों ई डि य न की रैकिंग पर एग्रीकल्चर आयोजित दो यूनिवर्सिटीज दिवसीय एसोसिएशन संगोष्ठी का के सहयोग से उद्घाटन भारत में कृषि किया विश्वविद्यालयों की रैंकिंग विषय पर दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी को संबोधित करते हुए गुजरात के भटिंडा में राज्यपाल आचार्य देववर्त ने कही। उन्होंने कहा कि पंजाब के भटिंडा एरिया में एक ट्रेन चलती है जिसे लोग कैंसर ट्रेन कहते हैं। इसी तरह हिमाचल प्रदेश के रोहडू में सेब का उत्पादन बढ़ाने के लिए 13 से 14 स्प्रे किये जाते हैं। इसके चलते वहां कैंसर के मरीजों की संख्या 25 प्रतिशत बढ़ गई है। उन्होंने 60 के दशक का जिक्र करते हुए कहा कि उस समय पर पेट भरने के लिए अनाज नहीं था और आयात करना पड़ता था। वैज्ञानिकों और किसानों की मेहनत से हरित क्रांति आई जिससे बढ़ती हुई जनसंख्या का पेट भरा जा सका खेती के लि0 किमान को लेना पड रहा कर्ज आचार्य देवव्रत ने कहा कि हम धरती की क्षमता से अधिक दोहन कर चुके हैं जहां एक एकड़ में 10 से 20 किलो रासायनिक खाद से भरपुर उत्पादन होता था अब 4-5 कट्टे रासायनिक खाद डालने पर भी उत्पादन नहीं बढ़ रहा है जिससे किसान की लागत बढ़ गई। 30 साल पहले किसान खेती के लिए कर्जा नहीं लेता था आज उसको कर्जा लेकर खेती करनी पड़ रही है। अत्याधिक रासायनिक खाद, पेस्टीसाइड व फर्टिलाइजर की अत्याधिक उपयोग से अन्न व पानीमें भी जहर घुलता जा रहा है। इन खादों से पक्षी व मित्रकीट मारे जा रहे हैं जिससे पर्यावरण को भारी नुकसान हुआ है व पर्यावरण का संतुलन भी बिगड़ा है। । जांच करवा बढ आई बैदावार आचार्य देवव्रत गुरूकल कुरूक्षेत्र का उदाहरण देते हुए कहा कि आज से 25 साल पहले 50 एकड़ जमीन पास के गांव वालों को लीज पर दी थी। दो साल पहले वे किसान मेरे पास आए और जमीन को बंजर बताते हुये वापस लौटा दी। जब जमीन की मिट्टी की जांच की गई तो उसका आर्गेनिक कॉर्बन 0.3 से 0.4 मिला जिस कारण फसल नहीं हो पा रही थी। उस जमीन में धनजीवामृत डाला तो पहले ही साल 20 से 25 क्विंटल धान प्रति एकड़ पैदा हुआ जो दूसरे साल बढकर 32 क्विंटल हो गया। जब दोबारा मिट्टी की जांच करवाई गई तो उसका आर्गेनिक कॉर्बन बढ़कर 0.8 से 0.9 हो गया।