ALL देश- विदेश राज्य व शहर शिक्षा व्यापार खेल धर्म मनोरंजन स्वास्थ्य फिल्मिदुनियाँ
भारत की ताकत
November 26, 2019 • जगदीश सिकरवार • देश- विदेश

हाउडी मोदी में दिखी नए भारत की ताकत

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ह्यूस्टन के मेगा शो में ठीक ही कहा था कि जो खुद अपना देश नहीं संभाल पा रहे हैं, उन्हें कश्मीर को लेकर भारत के बड़े फैसले पर दिक्कत हो रही है। हालांकि उन्होंने 50 हजारों लोगों से खचाखच भरे एनआरजी सटेडियम में आयोजित हाउडी मोदी कार्यक्रम में किसी का नाम तो नहीं लिया, लेकिन वहां मौजूद अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप समेत हर शख्स को अच्छी तरह से समझ में आ गया कि मोदी पाक को लताड़ रहे हैं। इस कार्यक्रम का मंच भले ही अमेरिका का था, लेकिन मेजबानी भारत कर रहा था। कार्यक्रम में उमड़ी भीड़ और तालियों की गड़गड़ाहट से साफ हो गया कि आज का भारत बहुत बदल गया है। एक समय था जब दुनिया में दो पावर सेक्टर अमेरिका और सोवियत रूस हुआ करते थे। उन्हीं की तूती बोलती थी। फिर चीन ताकत के रूप में उभरा। अब पिछले पांचछह सालों में भारत ने ऐसी करवट ली है कि वो विश्व बिरादरी के सामने बराबर की शक्ति बन गया है। आतंकवाद के खिलाफ दुनिया भारत के साथ आई है। किसी भी देश में अब वो हिम्मत नहीं दिखती कि वो खुलकर पाकिस्तान का पक्ष ले सके। एकमात्र चीन यदाकदा ऐसे प्रयास करता है। इसके पीछे भी उसका मकसद पाकिस्तान से दोस्ताना संबंध न होकर अपने आर्थिक हित हैं। चीन ने पाकिस्तान में बहुत ज्यादा निवेश कर रखा है। वो नहीं चाहता कि उसे आर्थिक रूप से नुकसान हो। केवल यही कारण है कि वो पाक के समर्थन का दिखावा करता रहता है। जहां तक प्रश्न जम्मू कश्मीर का है तो इस मुद्दे पर दुनिया का कोई देश पाकिस्तान के पक्ष में नहीं आया और न ही किसी देश ने धारा 370 और 35ए हटाने का विरोध किया है। भारत दुनिया के सामने जम्मू कश्मीर को आंतरिक मामला सिद्ध करने के साथ ही खुलकर पीओके की बात करने लगा है। हस्टन में हाउडी मोदी सम्मेलन में ट्रंप का मोदी के साथ आना ही अपने आप में बड़ी बात है। दोनों ही नेताओं ने खुलकर इस्लामिक आतंकवाद के खिलाफ निर्णायक लड़ाई का संदेश दिया और आर्थिक मोर्चे पर भी साझा प्रयास करने पर सहमति बनी। यह पहला मौका है जब दुनिया के दो बड़े देशों के प्रमुख इस तरह के कार्यक्रम में साथ आए हैं। जिस गर्मजोशी से इस कार्यक्रम का आयोजन किया गया और जिस गरमजोशी से मोदी-ट्रंप की जुगलबंदी सामने आई। उससे दुनिया हतप्रभ रह गई। यह कार्यक्रम वो आइना था जो नए भारत की तस्वीर दिया गया। यह तस्वीर उस भारत की है जो बड़ी आर्थिक शक्ति के रूप में उभरा है, यह तस्वीर उस भारत की है जो विश्वगुरु बनने का मादा रखता है। ये वो भारत है जो अमेरिका और रूस दोनों को साथ लेकर चल रहा है। जिस गंभीरता से अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का संबोधन सुन रहे थे, उसी से साफ है कि वो नए भारत की शक्ति को पहचान गए हैं, लेकिन दुनिया द्वारा धिक्कारे जाने के बाद भी हमारा पड़ोसी पाकिस्तान कुछ समझने, सुनने को तैयार नहीं। अब खबरें आ रही है कि उसने बालाकोट स्थित जैश-ए-मोहम्मद के आतंकी ठिकाने को फिर से सक्रिय कर दिया है। इन शिविरों को भारतीय सेना ने एयर स्ट्राइक करके ध्वस्त कर दिया था। केवल इतना ही नहीं पीओके से 500 आतंकी भारत में घुसपैठ की फिराक में हैं। इन्हें भारत में प्रवेश करवाने के लिए पाक सेना बार-बार गोलीबारी करके सीजफायर उल्लंघन कर रही है। जब हमारे जवान उनकी गोलीबारी से प्रभावित नहीं होते तो पाकिस्तान नागरिक ठिकानों पर गोले बरसाने लगता है ताकि किसी भी तरह से आतंकियों को भारत भेजा जा सके। यह सब करते हुए पाक हुक्मरान यह भूल रहे हैं कि अब भारत बदल गया है। नया भारत उस शक्ति का नाम है जो घर में घुसकर नेस्तनाबूद करने की भी हिम्मत रखती है