ALL देश- विदेश राज्य व शहर शिक्षा व्यापार खेल धर्म मनोरंजन स्वास्थ्य फिल्मिदुनियाँ
बालासाहेब महाराष्ट्र का भला सोचते थे परन्तु उद्धव परिवार का ?
November 9, 2019 • जगदीश सिकरवार • राज्य व शहर

बालासाहेब महाराष्ट्र का भला सोचते थे, उद्धव परिवार का भला देखते हैं I

शिवसेना के वर्तमान प्रमुख उद्धव ठाकरे ने बालासाहेब ठाकरे के सिद्धांतों को तिलांजलि देते हुये अपने बेटे आदित्य ठाकरे को चुनाव लड़वा कर विधायक बनवा चुके हैं। उनका अगला प्रयास पुत्र आदित्य ठाकरे को महाराष्ट्र का मुख्यमंत्री या उपमुख्यमंत्री बनवाना है I

शिवसेना संस्थापक बालासाहेब ठाकरे शिवसेना के एकछत्र नेता थे तथा पूरी पार्टी को अपनी मुट्ठी में रखते थे। मगर उन्होंने कभी अपने परिवार के किसी सदस्य को चुनाव नहीं लड़ने दिया था। उनके इन्हीं विचारों की बदौलत शिवसेना महाराष्ट्र में तेजी से एक प्रमुख राजनीतिक दल के रूप में उभरी व 1995 से 1999 तक प्रदेश में शिवसेना के मनोहर जोशी व नारायण राणे मुख्यमंत्री बने। लेकिन अब शिव सेना का चेहरा, चाल व चरित्र बदल चुका है। शिवसेना के वर्तमान प्रमुख उद्धव ठाकरे ने बालासाहेब ठाकरे के सिद्धांतों को तिलांजलि देते हुये अपने बेटे आदित्य ठाकरे को चुनाव लड़वा कर विधायक बनवा चुके हैं। उनका अगला प्रयास पुत्र आदित्य ठाकरे को महाराष्ट्र का मुख्यमंत्री या उपमुख्यमंत्री बनवाना है। वर्तमान समय में उद्धव ठाकरे पुत्र मोह में धृतराष्ट्र बने हुए हैं। उनके राजहठ के चलते महाराष्ट्र में नई सरकार का गठन नहीं हो पा रहा है। उद्धव ठाकरे अपने पुत्र आदित्य ठाकरे को महाराष्ट्र का मुख्यमंत्री बनाने का सपना देख रहे हैं। इस कारण महाराष्ट्र में सरकार गठन को लेकर गतिरोध चल रहा है। चूंकि विधानसभा चुनाव से पूर्व महाराष्ट्र में भारतीय जनता पार्टी व शिवसेना ने एक साथ मिलकर चुनाव लड़ा था। चुनाव प्रचार के दौरान मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को ही अगले मुख्यमंत्री के चेहरे के रूप में पेश किया गया था। विधानसभा चुनाव परिणामों के बाद भारतीय जनता पार्टी को 122 के स्थान पर 105 सीटें व शिवसेना को 63 के स्थान पर 56 सीटें मिली हैं। चुनाव में भारतीय जनता पार्टी को कम सीटें मिलते ही शिवसेना अध्यक्ष उद्धव ठाकरे ने अपना रंग दिखाना शुरू कर दिया। उन्होंने मांग की है कि महाराष्ट्र में भारतीय जनता पार्टी व शिवसेना का ढाई-ढाई साल मुख्यमंत्री रहे। जबकि भारतीय जनता पार्टी के नेताओं का कहना है कि चुनाव पूर्व सीटों के बंटवारे के समय मुख्यमंत्री के पद के बंटवारे को लेकर कोई समझौता नहीं किया गया था। भारतीय जनता पार्टी को उद्धव ठाकरे के पुत्र आदित्य ठाकरे को महाराष्ट्र का उपमुख्यमंत्री बनाने में कोई दिक्कत नहीं है।