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अहंकार ही जीवन में दुखों का कारण
November 29, 2019 • जगदीश सिकरवार • देश- विदेश

जीवन में सुख और शांति बनाए रखने के लिए शास्त्रों में कई नीतियां बताई गई हैं। अगर इन नीतियों का पालन किया जाता है तो हमारी कई परेशानियां दूर हो सकती हैं। घर-परिवार में सुख-शांति बनी रहती है। घमंड न करें- कुछ लोगों को अपने पद और धन का घमंड हो जाता है, इस घमंड के कारण वे दूसरों को नीचा समझने लगते हैं। ऐसे लोग समय-समय पर दूसरों को नीचा दिखाने में भी चूकते नहीं हैं। इस काम की वजह से दूसरों को पीड़ा पहुंचती है। किसी भी प्रकार दूसरों को दुख देना पाप माना गया है, इसीलिए इस आदत को छोड़ देना चाहिए। दूसरों की सफलता और सुखसुविधा देखकर जलना नहीं चाहिए। अधिकतर लोगों दूसरों की सफलता और सुखसुविधा देखकर जलते हैं। इसकी वजह से मानसिक तनाव बढ़ाता है। जो चीजें हमारे पास हैं, हमें उनसे ही संतोष प्राप्त कर लेना चाहिए। दूसरों का धन हड़पने की कोशिश न करें- धन पाने के लिए लोग सही-गलत का भेद भूल जाते हैं। कुछ लोग दूसरों के धन को हड़पने की इच्छा रखते हैं और इसके लिए प्रयास भी करते हैं। दूसरों के धन या संपत्ति को पाने की इच्छा करना शास्त्रों में पाप माना गया है। व्यक्ति को धन पाने के लिए धर्म के अनुसार काम करना चाहिए। दूसरों की बुराई न करें- दूसरों की बुराई नहीं करना चाहिए। हमें सिर्फ अपने काम पर ध्यान देना चाहिए। शास्त्रों में बुराई करना पाप कर्म माना गया है।