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15 मिनट के डांस के लिए 35 लाख
November 26, 2019 • जगदीश सिकरवार • व्यापार

खट्टर सरकार ने जनता के पैसे नाचने गाने में उडाए 15 मिनट के डांस के लिए 35 लाख दिए : सुरजेवाला

प्रश्नः-कांग्रेस चुनाव मैदान में किसलिए है? "नए हरियाणा के लिए। मनोहर लाल खट्टर की सरकार ने मंदी और तालाबंदी की नौबत ला दी है। प्रदेश में बेरोजगारीचरम पर है।युवा भटक रहे हैं।रोजी रोटी की समस्या विकराल हो गई है। इन समस्याओं को दूर करने के लिएकांग्रेस मैदान में है। प्रश्नः क्या ये शब्दों की जादूगरी नहीं लगती? क्योंकि लोकसभा चुनाव में भी यही मुद्दे थे, लेकिन 10 की 10 सीटें भाजपा के खाते में गई? "हम जनता के निर्णय का सम्मान करते हैं। जनादेश को स्वीकार करते हैं। लेकिन ये भी सच है कि खट्टर सरकार अहम और वहम की सरकार है। हरियाणा कभी भाईचारे के लिएजाना जाता था. विकास के लिएजाना जाता था, आज हरियाणा ने अपनी वो पहचान खो दी है। खट्टर सरकार और उनके मंत्रियों को प्रायश्चित करना चाहिए कि हरियाणा का विनाश कर दिया है। प्रश्नः अगर ऐसी स्थिति है तो जनता बार बार क्यों जिता रही है। क्या आपको नहीं लगता कि कांग्रेस को अपने अंदर बदलाव की जरूरत है? "कांग्रेस बदलाव कर रही है। हम जड़ नहीं रह सकते। हमने हरियाणा में दस साल शासन चलाया है और हम जो हरियाणा छोड़कर गए थे, आज वह हरियाणा नहीं है। ये अहंकारी शासन है। डेरा सच्चा सौदा और रामपाल के अनुयाइयों पर किस तरह प्रहार किया गया। एक लाख जूते पड़े थे मैदानों में, महिलाओं कीचुन्जियां बिखरी पड़ी थी, कई लोगों को मार डाला गया। कंडेला की घटना को कोई भूल सकता है क्या? कितने लोग मारे गए। आरक्षण की आग में हरियाणा को इस सरकार ने जला दिया प्रश्न:-आप बदलाव की बात कर रहे हैं, लेकिन हार के लिए जो जिम्मेदार थे, उन्हें ही फिर से जिम्मेदारी दे रहे हैं। "हमारे परिवार की मुखिया सोनिया गांधी हैं। परिवार का मुखिया जो निर्णय लेता है.बाकीलोग उसकासम्मान करते हैं। मैं कभी नहीं सोचता कि कौन विधायक दल का नेता है, कौन प्रदेश अध्यक्ष है या कोई और कुछ। मुझे पार्टी ने जो काम दिया है,वह मुझे करना है, मैं यह जानता हूं। प्रश्नः-पुराने अध्यक्ष कहीं नजर नहीं आ रहे और नए अध्यक्षै ने चार्ज ले लिया? क्या पार्टी में इसे अलग दृष्टि से नहीं देखा जाएगा? "राजनीति में यह होता रहता है। जिम्मेदारियां दी जा रही हैं। ऐसे उदाहरण तो भाजपा में ज्यादा देखने को मिलेंगे, जब योग्य व्यक्तियों को बाहर तक बिठाना पड़ा। प्रश्नः आप खट्टर सरकार पर या मनोहर लाल खट्टर पर तो टिप्पणी करते हैं, लेकिन भूपेंद्र हुड्डा पर टिप्पणी करने से बचते हैं? "ऐसा नहीं है। जहां जिसकी प्रासंगिकता है,मैं उन पर टिप्पणी करता हूं। आप मुझे उलझाने का प्रयास कर रहे हैं। प्रश्नः आपराष्ट्रीय राजनीति में दखल रखते हैं, लेकिन प्रदेश में जिम्मेदारी नहीं उठाना चाहते? आपरणछोड़ कैसे बन गए? " ऐसी बात नहीं है। मैं पार्टी का अनुशासित सिपाही हूं। मुझे जो जवाबदारी दी जाती है, मैं उसे निभाता हूं। मेरा लक्ष्य प्रदेश अध्यक्ष बनना या मुख्यमंत्री बनना नहीं है। मेरा लक्ष्य कांग्रेस की सरकारलाना है। प्रश्नः 30 साल की राजनीति करने के बाद भी आप सिपाही ही बने रहना चाहते हैं? "जो लोग सिपाही को कमतर आंकते हैं, उन्हें मालूम होना चाहिए कि सिपाही सेनापति से ज्यादा अहम होता है।वह मोर्चे पर सीधी लड़ाई करता है। और ऐसा नहीं है कि मैं दूसरे क्षेत्रों में जा नहीं सकता। मैं जाता भी हूं। ऐसा करने से कोई रोकने वाला भी नहीं, लेकिन मैं अनुशासित सिपाही प्रश्न: आप कैथल से विधायक चुने गए और आपको जींद से भी विधानसभा का उपचुनाव लड़ने के लिए भेज दिया गया? "ये पार्टी का निर्णय था कि मैं जींद से उपचुनाव लड़। मैंने पार्टी को पहले भी कहा था कि मेरी कर्मभूमि कैथल रही है, लेकिन पार्टी ने कहा कि यह चुनाव तुम्हें पार्टी के लिए लड़ना है। पार्टी का आदेश मेरे लिए सर्वोपरि था। सामूहिक निर्णय था। प्रश्नः प्रदेश के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर कह रहे हैं कि प्रदेश में अब पर्ची के जरिए नौकरी नहीं मिलती, जो पहले मिलती थी। जनआशीर्वाद यात्रा में भी उन्हें काफी अच्छा प्रतिसाद मिल रहा है? "जनता के पैसों को बर्बाद किया जा रहा है। 15 मिनट के लिए हेमामालिनी को बुलाया जाता है और 5 लाख दिए जाते हैं। 32 हजार में गीता खरीदी जाती है। ब्राह्मणों का सर काट दूंगा कहते हैं। कहते हैं कि हरियाणा के लोगों के पास अक्ल नहीं है। सेल्फी लेने पर अपने ही कार्यकर्ता को दुत्कारते हैं। ये उनका चरित्र है। और किस पर्ची की बात करते हैं। कर्मचारी चयन आयोग के अध्यक्ष भारत भूषण का मामला सबके सामने है। किस तरह 80 लाख रुपए के लेन देन का आरोप लगा लेकिन उन्हें तीन साल के लिए फिर से बिठा दिया गया। कितने पेपर लीक हुए। दसवीं बाहरवीं से लेकर कई अन्य पर्चेलीकहाए। प्रश्नः सुरजेवाला आखिर भाजपा को छोड़कर सिर्फ मनोहर लाल खट्टी पर क्यों प्रहार करते हैं। कहीं ऐसा तो नहीं कि हरियाणा में भाजपा मतलब मनोहर लाल खट्टर हो गया है, जैसे देश में भाजपा मतलब मोदी? "खट्टर अहंकारी हैं, शासन में हैं। इसलिए उनका विरोध करते हैं। वे नौकरियों की मंडी चला रहे हैं। पांच साल में मनोहरखट्टर सरकार ने क्या काम किया। उनकी एकही उपलब्धि है कि पिछले पांच दशकों में पहली बार हरियाणा को जात-पात का जहरयुक्त वातावरण उपलब्ध कराया गया। पहली बार हरियाणा में नागरिकपलिसकी गोली से मारे गए।बाबा रामपाल के आश्रम में फायरिंग हुई और लोगहताहत हुए। फिर आरक्षण की हिंसा की आग में दर्जनों लोग हताहत हुए। कई लोगों की संपत्तियां जलाकर खाक कर दी गई। पंचकुला में पुलिस की गोलियों से लोग मारे गए। सड़कों पर लोगों को पीटा गया। किसानों को मारा गया। मुख्यमंत्री केगह जिले में आईटीआई की छात्र-छात्राओं को सड़कों पर पीटा गया। प्रश्नः इतना सबकुछ हो रहा था तो रणदीप सिंह सुरजेवाला क्या चुनाव का इंतजार कर रहेथे? क्या किया आपने? "हमने आंदोलन किया। हमारे आंदोलन पर ही पंचकुला के थाने में एफआईआर हई, लेकिन उसकी जांच नहीं की गई। सरकार ने अपने प्रभावका दुरुपयोग किया। करीब 22-23 पेपर लीक हुए, इसे लेकर हम जनता के बीच गए। फरीदाबाद और यमुना के ब्रिज का भ्रष्टाचार हमने खोला। दलितों का पैसा सरकार ने खा लिया, उसकी बात जनता के बीच ले गए। ऐसे बहुत से मामले हैं। प्रश्नः मनोहर लाल खट्टर के अलावा भी कई मंत्री हैं। उनके कामकाज पर क्या टिप्पणी करेंगे? "शून्य में शून्य जोड़ेंगे, तो शून्य ही आएगा। मंत्रियों की संख्या भी ऐसी ही है। बाकी मंत्री सिर्फ नाम के हैं। उन्हें एककार और एक कोठी दे दी गई है। सारे फैसले दिल्ली से या फिर खुद मनोहर लाल खट्टर करते हैं। मंत्रियों के पास नीति के विषय ही नहीं है। यहां तक वे ट्रांसफर भी नहीं कर सकते। प्रश्नः हरियाणा में अन्य दलों की मौजूदगी पर क्या कहेंगे? "इनेलो, जेजेपी जैसे दलों का फैसला जनता करेगी। मुझे लगता है कि मुख्य मुकाबला सिर्फ भाजपा और कांग्रेस के बीच ही है। प्रश्नः आखिर ऐसा क्या बदल गया किये पार्टियां आपको विधानसभा चुनावों में अप्रासंगिक लगने लगी हैं? "मैं परिवारों परटिप्पणी नहीं करना चाहता, लेकिन ओमप्रकाश चौटाला ने अपने पोते को लेकर जो बातें कहीं, जिस भाषा का उपयोग किया, उससे ही उनमें बिखराव आया। यहां तक कि कैथल में भी उनके सहयोगी ने उनका साथ छोड़ दिया। प्रश्न: आपके तेवर मंच पर काफी तीखे होते हैं। चौटाला के लिए आपने कहा कि मैं सुनार की नहीं, लोहार की मार करता हूं? "मैंने पहले भी कहा था कि उन्हें पहले अपने दादा ओमप्रकाश चौटाला से पूछना चाहिए कि उन्होंने उनके बारे में क्या बोला और क्यों बोला। मैं व्यक्तिगत लड़ाई नहीं लड़ता,राजनीति कीलडाई लडताह। किसी ने कोई गलत काम किया है, तो कानून अपना काम करेगा। हरियाणा ने चौटाला को इसी कारण दरकिनार कर दिया है। प्रश्न: आप कैथल से विधायक हैं। पांच साल के बारे में जनता को क्या बताएंगे? "दस साल तक जब हम सत्ता में थे, तो कैथल के लिए बहुत कुछ किया। यहां रजिया सुल्तान का मकबरा है तो एक विराट संस्कृति भी यहां सहेजी गई है। संस्कृति, ज्ञान और दर्शन को सहेज कर हमने कैथल का विकास किया था, लेकिन पिछले पांच सालों में खट्टर सरकार ने इस ओर बिल्कुल ध्यान नहीं दिया। भाजपा ने यहां कोई नया काम नहीं किया। खट्टर सरकार तो पंच सरपंच के खातों का पैसा तक खा गई है। मैंने अपने ढाई करोड़ क्षेत्र के लिए दिए। प्रश्नः आप पर आरोप है कि आपको विधायक बनाने का फायदा क्या जब आप रहते ही नहीं? रोतात मनोहर लाल खटर से जली चाहिए कि वे कितनी बार अपने विधानसभा क्षेत्र गए।खट्टर ने विधानसभा को अप्रासंगिक बना दिया है। मैं जब विधानसभा जाता हूं तो वे स्थगित करने का बहाना ढूंढते हैं क्योंकि उन्हें तीखे प्रश्नों का सामना करना होता है। उनसे पूछना चाहिए कि वे कितनी बार करनाल गए। 365 दिनों में सिर्फ 42 बाररावे ऐसे मुख्यमंत्री हैं, जिनके मकान का पता नहीं न ही आफिस का। मैं हर शनिवार और इतवारको जनता के लिएउपलब्ध रहता हूँ। पश्न: आपको नहीं लगता कि आप गलत पार्टी में हैं। आपके मुताबिक एक तरफ मनोहर लाल खट्ररहैं,जो कुछ नहीं करते फिर भीउनकी पार्टी उन्हें सीएम बनाती है, और एक तरफ आप हैं, जो अपनी पार्टी को जिताने में लगे हैं, लेकिन वह आप पर ध्यान नहीं दे रही? "अगर आप ऐसा मानते हैं कि खट्टर कुछ नहीं करते तो ये सही है और भाजपा ऐसे लोगों को ही बढ़ावा देती है।जहां तक मेरी बात है तो मेरी पार्टी ने मुझे बहुत कुछ दिया है। मुझे पार्टी विधायक क्या जिला पंचायत का चुनाव लड़ने कहेगी तो वो भी लड़ लूंगा।