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12 बजे मिला सर्टिफिकेट
November 25, 2019 • जगदीश सिकरवार • राज्य व शहर

सुबह 6:25 बजे से लगाया नंबर, दोपहर 12 बजे मिला सर्टिफिकेट

पल्यूशन के भारी-भरकम चालान से बचने के लिए इन दिनों हर पीयूसी (पल्यूशन अंडर कंट्रोल) सेंटर पर सुबह से ही गाड़ियों की लंबी लाइन लग रही है। द्वारका सेक्टर-2 डीटीसी बस डिपो पर बुधवार सुबह से ही लोग नंबर लगा कर खड़े हो गए थे। सुबह से ही यहां सर्वर डाउन और कंप्यूटर हैंग होने की दिक्कतें शुरू हो गईं। दोपहर तक लोग धूप और उमस में पसीने से तरबतर होते रहे। दोपहर 12 बजे के करीब एक शख्स को पहला सर्टिफिकेट मिला। वह सुबह 6:25 बजे से लाइन में खड़े थे। वहीं, लोगों का आरोप है कि डीटीसी कर्मचारी बाहरी लोगों को इस सेंटर पर फटकने ही नहीं दे रहे थे।

स्टाफ के अलावा किसी को नहीं आने दे रहे हैं अंदर

बिंदापुर के रहने वाले सुरजीत सिंह का कहना है कि पूरे दिल्ली में पीयूसी सेंटर पर सर्वर डाउन की भयंकर समस्या है। द्वारका सेक्टर-2 बस डिपो में भी समस्या जारी है। पल्यूशन सर्टिफिकेट के लिए पूरे दिन लोग कड़ी धूप में खड़े होने को मजबूर हैं। सर्वर ठीक होने के इंतजार में घंटों भूखे प्यासे खड़ा रहना पड़ रहा। वहीं, दूसरी समस्या यह है कि डीटीसी स्टाफ जो बाहर खड़ा है, वे बाहरी लोगों को यहां आने ही नहीं दे रहे हैं। स्टाफ लोगों को यह कह कर बाहर ही चलता कर दे रहे हैं कि यह सेंटर केवल डीटीसी स्टाफ के लिए ही है। हालांकि अंदर बैठे कंप्यूटर इंचार्ज ने बताया कि यहां सभी को पल्यूशन सर्टिफिकेट मिल रहा है। कंप्यूटर इंचार्ज का कहना था कि सुबह 6 बजे से ही लोग यहां लाइन में खड़े हैं, लेकिन बार-बार सर्वर डाउन होने की वजह से दोपहर तक केवल एक व्यक्ति को ही सर्टिफिकेट मिल पाया है। मंगलवार को भी यही दिक्कत थी, जिसके चलते सर्वर चेंज किया गया था। लेकिन नए सर्वर में भी समस्या जारी है। इस वजह से सुबह से शाम तक मुश्किल से 3-4 लोगों को ही सर्टिफिकेट मिल पा रहा है। परेशानी केवल लोगों को ही नहीं थी, बल्कि सेंटर में तैनात कंप्यूटर इंचार्ज को भी उठानी पड़ रही है। बार-बार सर्वर डाउन होने से वे भी काफी परेशान नजर आए। उनका कहना था समस्या एक नहीं है, बल्कि कई हैं। वह इस डिपो में टेक्नीशियन हैं। लेकिन, पल्यूशन सर्टिफिकेट की समस्या जब बढ़ी तो अचानक उन्हें कंप्यूटर इंचार्ज बना दिया गया सचिवालय : 1 सितंबर से पहले दिल्ली के 941 पल्यूशन चेकिंग सेंटरों से हर रोज 12 से 15 हजार सर्टिफिकेट जारी होते थे। नए ट्रैफिक नियम लागू होने के बाद आंकड़ा 50 हजार के पार हो गया है। चेकिंग सेंटरों पर उमड़ रही भारी भीड़ और सर्वर डाउन की दिक्कतों को देखते हुए दिल्ली सरकार ने कुछ नए कदम उठाए हैं। ट्रांसपोर्ट मिनिस्टर कैलाश गहलोत का कहना है कि बुधवार से सर्वर की कैपेसिटी बढ़ाई गई है। इसके बेहतर नतीजे आने लगे हैं। अब हर घंटे 6 हजार सर्टिफिकेट बनाए जा रहे हैं। वहीं, ज्यादा फीस वसूलने के मामले में दो सेंटर सस्पेंड किए गए हैं। डीटीसी के 42 बस डिपो और टर्मिनल पर भी अब प्राइवेट गाड़ियों की पल्यूशन जांच शुरू हो गई है। सुबह 11 से शाम 7 बजे तक इन सेंटरों पर सर्टिफिकेट मिल सकेगा। वहीं, पेट्रोल पंप और वर्कशॉप पर बने 941 सेंटरों पर सुबह 7 से रात 10 बजे तक गाड़ियों की चेकिंग कराई जा सकती है।ट्रांसपोर्ट डिपार्टमेंट के आंकड़ों के मुताबिक दिल्ली में 10 में कालकाजी एक्सटेंशन, गीता कॉलोनी, झडौदा माजरा मेन बुराड़ी रोड और नजफगढ़ नांगलोई रोड के सेंटर हैं। भीड़ कंट्रोल करने के लिए यहां सिविल डिफेंस वॉलंटियर्स तैनात होंगे।